वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से दावा करते आ रहे हैं कि उन्होंने कई युद्धों को रुकवाया है। आलम ये है कि उन्होंने खुद के लिए शांति का नोबल पुरस्कार की मांग भी कर दी थी। ट्रंप इस बात का भी लगातार दावा कर रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने ही सीजफायर करवाया। वह अब तक कम से कम 100 से अधिक बार ऐसा दावा कर चुके हैं। अब उन्होंने एक बार फिर से युद्ध रुकवाने का राग अलापा है।
व्हाइट हाउस कैबिनेट रूम में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके नेतृत्व में कई अंतर्राष्ट्रीय झगड़े कभी नहीं होते। उन्होंने पहले ही आठ लड़ाइयां खत्म कर दी हैं, जिनमें दक्षिण एशिया से जुड़ी लड़ाइयां भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके विदेश नीति के रिकॉर्ड में उन इलाकों में संकटों को खत्म करना शामिल है जो भारतीय और दक्षिण एशियाई लोगों के लिए बहुत मायने रखते हैं। उन्होंने कहा, हमने आठ युद्ध खत्म किए। सोचिए, आठ युद्ध। बाकी आठ युद्धों का क्या, भारत, पाकिस्तान… मैंने कितने युद्ध खत्म किए।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बोले
अमेरिकी राष्ट्रपति ने उदाहरण दिया कि उनके राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिकी नेतृत्व ने कई वैश्विक क्षेत्रों में समीकरण बदल दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पूर्वी यूरोप में संघर्ष पर जोर देकर कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध अगर मैं राष्ट्रपति होता तो कभी नहीं होता। ट्रंप ने यह पहले भी कहा है। इसके साथ ही सरकार बनने से पहले उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रपति बनते ही वह एक दिन में इस युद्ध को खत्म करवा देंगे। उन्होंने कहा, हमारे लोग अभी रूस में हैं यह देखने के लिए कि क्या हम इसे सुलझा सकते हैं। मुझे उन सभी लोगों की परवाह है जो मर रहे हैं। पिछले महीने रूस और यूक्रेन के बीच 27,000 लोग मारे गए।
दुनिया के मंच पर हमारी इज्जत
ट्रंप ने विदेश में स्थिरता को अमेरिकी ताकत के नए दौर से जोड़ा। उन्होंने कहा, अमेरिका फिर से मजबूत और इज्जतदार है। दुनिया के मंच पर हमारी सच में इज्जत है। मैं नाटो में गया था और वे मुझे यूरोप का राष्ट्रपति कह रहे थे। उन्होंने कहा, हर बार जब मैं कोई युद्ध खत्म करता हूं तो वे कहते हैं, अगर राष्ट्रपति ट्रंप उस युद्ध को खत्म करते हैं, तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलेगा।श् एक पुराने विजेता ने कहा था, ट्रंप नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं।





